मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। 7 मार्च से नई दरें लागू हो गई हैं। घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा हो गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा।
एमपी में बढ़े घरेलू गैस सिलेंडर के दाम
7 मार्च की सुबह से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 900 रुपये के पार पहुंच गया है। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है जब घरेलू गैस की कीमतों में बदलाव किया गया है। कीमत बढ़ने से घरों के बजट पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस पर पड़ सकता है। इंदौर के सराफा बाजार, छप्पन दुकान जैसे प्रसिद्ध फूड हब और भोपाल के कई रेस्टोरेंट संचालकों के लिए यह बढ़ोतरी आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है। कई कारोबारियों का मानना है कि इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक एलपीजी की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता है। मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है।
बड़े शहरों में नई कीमतें
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश के बड़े शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं। नई दरों के अनुसार दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, चेन्नई में 928.50 रुपये और मुंबई में 912.50 रुपये हो गया है। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर्याप्त है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार और कंपनियों का क्या कहना है
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरों को भी अफवाह बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार देश में ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।