केंद्र सरकार ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत देते हुए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये से अधिक की कटौती की है। पश्चिम एशिया में लंबे समय से बने तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण गैस की कीमतों में आई तेजी के बाद यह लगातार दूसरी बड़ी राहत मानी जा रही है। हालांकि, घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल किसी प्रकार की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली और कोलकाता में सबसे बड़ी कटौती
सरकार की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 202 रुपये कम हुई है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत में 209 रुपये की कमी दर्ज की गई है। संशोधित दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
आज कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 209 रुपये और दिल्ली में 202 रुपये की कटौती की गई है। इस बदलाव के बाद, आज से कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,872.50 रुपये होगी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है: सूत्र। pic.twitter.com/r0R3ixtOPT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 1, 2026
कोलकाता में नई कीमत हुई लागू
नई कीमतों के बाद कोलकाता में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,872.50 रुपये में उपलब्ध होगा। इस फैसले से होटल, ढाबे, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यवसायों की परिचालन लागत कम होने की संभावना है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कमर्शियल गैस सिलेंडर का व्यापक उपयोग किया जाता है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें जस की तस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में यह कटौती केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर लागू होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
दूसरी बार मिली राहत, वैश्विक हालात का असर
यह लगातार दूसरा अवसर है जब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं। इससे पहले जुलाई में भी सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में कमी की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और वैश्विक आपूर्ति में सुधार के संकेत मिलने के बाद कीमतों पर दबाव कम हुआ है, जिसके चलते सरकार ने व्यापारिक उपभोक्ताओं को राहत देने का यह निर्णय लिया है।