मई 2026 की शुरुआत से LPG सिलेंडर के नियमों में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां डिलीवरी और बुकिंग सिस्टम में सुधार को लेकर विचार कर रही हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई में कमी के चलते सरकार और कंपनियां नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस महंगे होने का असर भारत में भी दिख रहा है। हाल ही में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में एक महीने में कई बार इजाफा हुआ है। अप्रैल 2026 में मेट्रो शहरों में इसकी कीमत 196 से 218 रुपये तक बढ़ी, जिससे आम लोगों और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
बुकिंग पर लग सकती है नई सीमा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए नियमों के तहत एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद तुरंत दूसरा सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह समय सीमा 45 दिन तक बढ़ सकती है। इसका उद्देश्य गैस की खपत को नियंत्रित करना और सभी तक सप्लाई सुनिश्चित करना है।
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DAC कोड होगा जरूरी
अब गैस डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नया सिस्टम लागू किया जा सकता है। इसके तहत डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP या Delivery Authentication Code यानी DAC भेजा जाएगा। यह कोड डिलीवरी बॉय को बताना जरूरी होगा, तभी सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी डिलीवरी और गड़बड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
E-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी
गैस कंपनियां अब e-KYC और आधार लिंकिंग को भी अनिवार्य बना रही हैं। अगर ग्राहक अपना KYC अपडेट नहीं करते हैं, तो उनकी बुकिंग या सब्सिडी पर असर पड़ सकता है। इसके लिए ग्राहक मोबाइल ऐप या गैस एजेंसी के जरिए अपना विवरण अपडेट कर सकते हैं। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है।
आने वाले समय में और बदलाव संभव
वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती मांग को देखते हुए LPG सेक्टर में आगे भी बदलाव हो सकते हैं। नए नियमों का उद्देश्य सप्लाई को बेहतर बनाना, चोरी रोकना और ग्राहकों को सुरक्षित सेवा देना है। हालांकि, इससे कुछ लोगों को शुरुआती असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।