बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। तेल कंपनियां उन उपभोक्ताओं की पात्रता की जांच कर रही हैं, जो गैस सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पटना समेत पूरे बिहार में 20 लाख से अधिक उपभोक्ता इस जांच के दायरे में आए हैं। मैसेज के जरिए उपभोक्ताओं से कुछ जरूरी जानकारी या स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। यदि समय रहते जवाब नहीं दिया गया, तो गैस सब्सिडी रोकी जा सकती है।
ज्यादा आय वालों पर रहेगी नजर
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस सब्सिडी का लाभ केवल जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। इसी वजह से उन परिवारों का डेटा खंगाला जा रहा है जिनकी सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है। इस जांच का असर सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, बड़े व्यापारियों और उच्च आय वर्ग के परिवारों पर पड़ सकता है। अगर कोई उपभोक्ता तय मानकों के अनुसार पात्र नहीं पाया जाता है, तो उसकी एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे सब्सिडी का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।
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बिहार में करोड़ों LPG उपभोक्ता
बिहार में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या काफी बड़ी है। राज्य में कुल 234.65 लाख गैस कनेक्शनधारक हैं। इनमें इंडियन ऑयल (IOC) के 110.57 लाख, भारत पेट्रोलियम (BPCL) के 57.05 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के 67.01 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। वहीं केवल पटना जिले में ही 13 लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए तेल कंपनियां डेटा सत्यापन और पात्रता जांच का काम तेजी से कर रही हैं, ताकि रिकॉर्ड को अपडेट रखा जा सके।
मृत उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी जांचेंगे
तेल कंपनियां ऐसे गैस कनेक्शनों की भी जांच कर रही हैं जो किसी मृत व्यक्ति के नाम पर अब भी चल रहे हैं। इसके लिए आधार रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, यदि किसी कनेक्शनधारक की मृत्यु हो जाती है तो परिवार के किसी सदस्य को 30 दिनों के भीतर कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन बंद किया जा सकता है। यदि आपके मोबाइल पर भी कोई मैसेज आया है और आप अधिक जानकारी चाहते हैं, तो 1800-2333-555 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया सरकारी निर्देशों के तहत चलाई जा रही है ताकि पात्र उपभोक्ताओं तक ही सब्सिडी का लाभ पहुंचे।