लखनऊ, पीजीआई थाना क्षेत्र में 9वीं की छात्रा सड़क के किनारे खून से लथपथ मिलने से हड़कंप मच गया। छात्रा क्रिसमस डे के दिन अपने दोस्तों के साथ घूमने निकली थी। कुछ देर बाद दोस्त ने उसकी मां को हादसे की सूचना दी। गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। दोस्त ने बताया कि रोड एक्सीडेंट हो गया है। हालांकि, छात्रा की मां ने हमले की आशंका जताते हुए तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, रजनीखंड आशियाना निवासी नीतू सिंह पत्नी दीपक सिंह एक दुकान में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मानसी निजी स्कूल में 9वीं की छात्रा है। 25 दिसंबर को उसके साथ में पढ़ने वाले निखिल का कॉल आया। निखिल ने कहा कि मानसी को घूमने भेज दीजिए। वह अपनी बहनों के साथ जा रहा है। उसको मना किया, तो एक दूसरी दोस्त शीजा श्रीवास्तव ने कॉल करके बोला मैं, आइबा खान और मानसी जाएंगे। सभी बेटी को आलमबाग फीनिक्स पलासियो मॉल ले जाने की बात कहकर निकले, लेकिन बहाने से लुलु मॉल लेकर चले गए। वहां पर रुशील नाम का लड़का मिला। शीजा और मानसी उसके साथ हो गई, जबकि निखिल और आइबा खान एक गाड़ी रहे। इसके बाद सब विश्वनाथ एकडेमी स्कूल की तरफ गए.
देर होने की वजह से बेटी को कॉल किया। कई कॉल के बाद फोन नहीं उठा। जब कॉल रिसीव हुई तो मानसी ने बताया कि सब लुलु मॉल ले आए हैं। जल्द आ रहे हैं। इसके 10 मिनट बाद ही शीजा ने कॉल करके बताया कि एक्सीडेंट हो गया है। मानसी और रुशील की हालत गंभीर है। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे, तो मालूम हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कार से पहुंचाया है।
मां का कहना है कि अगर कोई घटना हो गई तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए। इन लोगों ने किसी को नहीं बताया। घटनास्थल पर जाकर पता किया तो दूर-दूर तक लोगों को एक्सीडेंट की जानकारी नहीं है। पुलिस भी कह रही कि कोई हादसे की जानकारी नहीं है। घटना के बाद निखिल और आइबा फरार हैं। हालचाल लेने तक नहीं आए.
सीसीटीवी फुटेज और काल डिटेल खंगाल रही पुलिस
इंस्पेक्टर पीजीआई का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है. घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज व सेलफोन डिटेल खंगाली जा रही। छात्रा की तबियत में सुधार होने का इंतजार किया जा रहा। उसके बाद छात्रा के बयान अंकित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.