लखनऊ के आशियाना इलाके में सामने आए नीला ड्रम केस ने सभी को चौंका दिया है। आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने मीडिया के सामने माना कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। उसने अपने पिता की हत्या कर दी और शव को छिपाने की कोशिश की। पुलिस उसे पूछताछ और मेडिकल के लिए लोकबंधु अस्पताल लेकर गई, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
बहन की भूमिका पर दिया जवाब
मीडिया ने जब उससे पूछा कि क्या वह अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसने कहा कि यह गलती से हुआ। परीक्षा के दबाव के सवाल पर उसने सिर हिलाकर हां में जवाब दिया। वहीं जब पूछा गया कि क्या इस वारदात में उसकी बहन भी शामिल है, तो उसने साफ इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हत्या और सबूत मिटाने का आरोप
पुलिस के अनुसार 20 फरवरी की सुबह पिता और बेटे के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने अपने 50 वर्षीय पिता को गोली मार दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने शरीर को नीचे लाकर एक कमरे में रखा। आरोप है कि शरीर के अंग काटकर अलग किए गए और धड़ को एक ड्रम में छिपा दिया गया। पुलिस अब हर पहलू से जांच कर रही है।
पढ़ाई को लेकर था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पिता और पुत्र के बीच पढ़ाई को लेकर अक्सर तनाव रहता था। अक्षत ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था और पहले भी घर छोड़ चुका था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे और कोई कारण तो नहीं था।
इसे भी पढ़ें : हार के बाद Team India की बढ़ी टेंशन, क्या Zimbabwe मैच से पहले लौटेंगे Rinku Singh
जींद में कर्मचारियों का आक्रोश
इधर हरियाणा के जींद में कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। पीडब्ल्यूडी पब्लिक हेल्थ मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन ने सरकार को चेतावनी पत्र दिया है। उनका कहना है कि लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि आउटसोर्सिंग नीति और अन्य मुद्दों पर लंबे समय से कोई समाधान नहीं हुआ।
आंदोलन की चेतावनी
यूनियन के राज्य प्रधान गंगा राम ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि आउटसोर्सिंग नीति पर दोबारा विचार किया जाए और फील्ड स्टाफ को जरूरी सुविधाएं दी जाएं। यूनियन ने साफ किया है कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।