लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस ने एक बड़े तस्करी गिरोह का खुलासा किया है, जो किशोरी और युवतियों को नौकरी, पैसों और शादी का लालच देकर बेचता था. पुलिस की पूछताछ में यह पता चला है कि गिरोह के मुख्य तस्कर संतोष और मनीष भंडारी ने अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात (अहमदाबाद) और छत्तीसगढ़ से 15 से अधिक लड़कियों को बेच दिया है. अब पुलिस उन सभी लड़कियों की जानकारी जुटा रही है, जिन्हें इस गिरोह ने बेचा है. पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि ये लड़कियां किस जगह की रहने वाली थीं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट किस थाने में दर्ज हुई थी. इसके साथ ही बाकी जरूरी जानकारियां भी इकट्ठा की जा रही हैं.
पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) निपुण अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल संतोष और मनीष को जेल भेज दिया गया है, लेकिन जल्द ही उनकी कस्टडी रिमांड ली जाएगी ताकि उनसे गहराई से पूछताछ की जा सके. पूछताछ में गिरोह के बाकी सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी.
मध्यप्रदेश और राजस्थान भी जाएगी पुलिस
पुलिस की टीमें आरोपितों को साथ लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान भी जाएंगी क्योंकि गिरोह वहीं से सक्रिय रूप से अपना नेटवर्क चला रहा था. साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि लड़कियों को कहां और किनके पास भेजा गया और गिरोह में और कौन-कौन शामिल है.
दो किशोरियों के दर्ज हुए बयान
एसीपी कृष्णानगर विकास कुमार पांडेय ने बताया कि तस्करों के चंगुल से छुड़ाई गई दो किशोरियों के बयान दर्ज किए गए हैं. इनमें से एक 16 साल की लड़की लखनऊ पुलिस में वीआईपी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की बेटी है और दूसरी 15 साल की रायबरेली के महाराजपुर की रहने वाली है.
बचाई गई पुलिसकर्मी की बेटी ने अपने बयान में बताया कि उसे संतोष साहू सीएमएस (लखनऊ) के पास मिला था और वह उसे प्रयागराज ले गया था. वहीं रायबरेली की किशोरी ने बताया कि वह परिवार से नाराज होकर लखनऊ आई थी, जिसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आ गई.
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस इन बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है. गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और जिन लड़कियों को बेचा गया, उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस लाने की कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं. पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर लिया जाएगा.