थाईलैंड में पकड़े गए लूथरा ब्रदर्स को भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्थानीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया और अब भारत की विभिन्न जांच संस्थाएं वापसी की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि अगले दो से तीन दिनों में दोनों भाई भारत लाए जा सकते हैं। इसके लिए तीन चरणों वाला प्लान—A, B और C—तैयार किया गया है।
भारत लाने की प्रक्रिया शुरू
थाईलैंड में हिरासत में लिए जाने के बाद लूथरा ब्रदर्स को वापस लाने की औपचारिकताएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भारतीय अधिकारियों की टीम ने स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा है। शुरुआत में दोनों भाइयों को फुकेट से बैंकॉक स्थानांतरित किया गया, ताकि दस्तावेजी काम पूरा किया जा सके। चूंकि उनका पासपोर्ट पहले ही रद्द किया जा चुका है, इसलिए वापसी की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ सकती है जब अस्थायी यात्रा दस्तावेज जारी हों।
प्लान A: टीम सीधे थाईलैंड जाकर कर सकती है गिरफ्तारी
पहला विकल्प यह है कि भारतीय जांच टीम थाईलैंड जाकर दोनों भाइयों को औपचारिक रूप से हिरासत में ले और उन्हें भारत लेकर आए। हालांकि अभी तक स्थानीय स्तर पर टीम नहीं पहुंची है, लेकिन यह प्लान तैयार रखा गया है। यह प्रक्रिया तभी सक्रिय होगी जब सभी दस्तावेज थाई प्रशासन की ओर से मंजूर हो जाएंगे।
प्लान B: केंद्रीय एजेंसी की टीम करेगी वापसी
दूसरा विकल्प यह है कि मामला अंतरराष्ट्रीय समन्वय के तहत केंद्रीय एजेंसी संभाले और अपने अधिकारियों को भेजकर दोनों भाइयों को लेकर आए। चूंकि पासपोर्ट रद्द होने के बाद उनका कानूनी स्टेटस बदल गया है, इसलिए थाईलैंड की एजेंसियों के साथ मिलकर यह प्रक्रिया और सरल हो सकती है। भारत की ओर से सभी प्रयास तेजी से जारी हैं ताकि देरी न हो।
प्लान C: डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत वापसी
तीसरा विकल्प यह माना जा रहा है कि थाईलैंड की लोकल एजेंसियां उन्हें सीधे डिपोर्ट कर दें। कई मामलों में प्रशासन आरोपी के हाथ बांधकर उन्हें एयर मार्शल की निगरानी में फ्लाइट में बैठा देता है। भारत पहुंचने के बाद देश की एजेंसियां उन्हें रिसीव कर लेती हैं। यह विकल्प तब लागू होगा जब दोनों के खिलाफ कानूनी औपचारिकताएं पूरी तरह संतोषजनक होंगी।
पासपोर्ट रद्द होने से बढ़ी प्रक्रिया, इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जारी होगा
सबसे बड़ा पेच उनका पासपोर्ट रद्द होना है। ऐसे में भारत का दूतावास अब दोनों के नाम पर इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्हें बैंकॉक लाया गया है। यह सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही दोनों भाइयों की औपचारिक वापसी संभव होगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएंगी।