उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन की कोठी को गिरा दिया गया है, लेकिन जब इसके अंदर देखा गया तो जो मिला वो चौंकाने वाला था. कोठी में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत की लग्जरी सुविधाएं थीं. आलीशान बेडरूम, किचन, कमरे और बड़ा हॉल. चारों ओर 15–20 फीट ऊंची दीवारों पर करंट वाले कांटेदार तारों की सुरक्षा बनी थी, जिससे यह कोठी किसी किले की तरह सुरक्षित महसूस होती है. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि एक कमरे में कलावा और उर्दू में लिखी गई धार्मिक किताबें मिलीं. जिनके आधार पर माना जा रहा है कि इन्हीं से धर्मांतरण कराया जाता रहा होगा. इसके अलावा एक ‘सीक्रेट रूम’ भी मिला, जहां ये अनुमान लगाया जा रहा है कि धार्मिक प्रशिक्षण दिया जाता होगा. इस पूरे खुलासे से पुलिस और एजेंसियों की जांच को ठोस सबूत मिल गए हैं कि यह सिर्फ आलीशान कोठी नहीं, बल्कि धर्मांतरण रैकेट चलाने का रणनीतिक केंद्र भी थी.
आलीशान कोठी का निर्माण और सुरक्षा
छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन ने बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में लगभग 3 करोड़ की कोठी बनवाई थी, जिसमें 40 से अधिक कमरे, हर कमरे में किचन, आलीशान बेडरूम और बड़ा हॉल थे. इस कोठी को किले जैसी सुरक्षा दी गई थी. 15 से 20 फीट ऊंची दीवारों पर करंट वाली कांटेदार तार लगा था. जिससे कोई अंदर न जा सके.
कलावा और धार्मिक किताबें भी मिलीं
जांच में पाया गया कि कोठी में कलावा (हाथ में बंधने वाला धार्मिक धागा) और उर्दू में धार्मिक किताबें भी मिली थीं, जिससे संदेह है कि यहां लड़कियों को धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था.
सीक्रेट रूम भी मिला
मीडिया की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि कोठी के अंदर एक ‘सीक्रेट रूम’ था, जहां धर्मांतरण की प्रक्रिया, प्रशिक्षण और धार्मिक पाठ कराए जाते थे.
विदेशी फंडिंग और करोड़ों की संपत्ति
बता दें कि अब तक की जांच में छांगुर बाबा के बैंक खातों में लगभग 100 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग की जानकारी मिली है, जिसमें से 30‑40 करोड़ रुपए अभी भी मौजूद हैं. कहा जा रहा है कि वो इस संपत्ति के दम पर पुणे, नोएडा और बलरामपुर जैसे इलाकों में धर्म परिवर्तन का रैकेट चला रहा था, जिससे बड़ी संपत्तियाँ और गैरकानूनी ठिकाने तैयार किए गए थे. वहीं यूपी ATS ने छांगुर बाबा और उसकी प्रमुख सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के होटल में गिरफ्तार किया था.