लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ अगले मुख्य न्यायाधीश-ए-भारत (सीजेआई) के रूप में पद संभालेंगे। मौजूदा क्रम के अनुसार वह 10 फरवरी 2027 को सीजेआई बनेंगे और 23 सितंबर 2027 तक इस पद पर रहेंगे। उनका जन्म 24 सितंबर 1962 को हुआ था।
जस्टिस नाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शिया पीजी कॉलेज से 1986 में कानून की पढ़ाई पूरी की और 30 मार्च 1987 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में पंजीकरण कराया। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 17 वर्ष से अधिक समय तक वकालत की। 2004 में अतिरिक्त न्यायाधीश और 2006 में स्थायी न्यायाधीश बने। 2019 में गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए और 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। गुजरात में उनके कार्यकाल के दौरान हाईकोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू हुई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी पहली पहल बताया है।
जस्टिस नाथ को 2018 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान दिया था। अप्रैल 2022 में वह शिया पीजी कॉलेज की नई इमारत का उद्घाटन करने भी पहुंचे थे। उनकी पत्नी प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। उन्हें सितंबर 2026 में दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त किया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय का विधि विभाग 1921 में स्थापित हुआ था। इसके पूर्व छात्रों में न्यायपालिका और कानून के क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां शामिल रही हैं। प्रो. आरयू सिंह इसके शुरुआती प्रमुख शिक्षाविदों में रहे, जिन्होंने बाद में नेपाल के संविधान के प्रारूप से जुड़े कार्य में भी योगदान दिया।