राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक करीब 54 लाख किसान सहकारी ढांचे से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़े हैं। योगी सरकार का फोकस बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (एम-पैक्स) से लोगों को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती वित्तीय और कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
550 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए हैं। इन खातों में अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई जा चुकी है। वहीं, सदस्यों की भागीदारी से 110 करोड़ रुपये की अंश पूंजी जुटाई गई जिसके आधार पर कुल 660 करोड़ रुपये की धनराशि सहकारी तंत्र में प्रवाहित हुई।
देश में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम-पैक्स का सदस्यता महाअभियान शुरू किया। यह सदस्यता महाअभियान दो चरणों में चलाया गया। पहले चरण की शुरुआत सितंबर 2023 में की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर नए सदस्य जुड़े। दूसरे चरण का शुभारंभ सितंबर 2025 में किया गया, जिसमें अभियान को और गति मिली।
डिजिटल भुगतान से आई पारदर्शिता
एम-पैक्स पर डिजिटल भुगतान प्रणाली क्यूआर कोड के जरिए शुरू की गई है। क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरु हो जाने से कैशलेस एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू हुई है। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सहकार से समृद्धि का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।