NALKHEDA TEMPLE HAWAN TIMING : नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में हवन और धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए नया नियम लागू किया गया है। मंदिर प्रबंधन समिति ने हवन के लिए समय सीमा तय करते हुए रात 8 बजे के बाद मंदिर परिसर और बाहर बनाए गए हवन प्लॉट में किसी भी तरह के हवन, यज्ञ या धार्मिक अनुष्ठान पर रोक लगा दी है। आदेश तहसीलदार और मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव की ओर से जारी किया गया है। समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय का पालन करने की अपील की है।
रात 8 बजे के बाद नहीं होगा हवन
नए आदेश के मुताबिक मंदिर परिसर और बाहर बनाए गए हवन प्लॉट में अब निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकेंगे। रात 8 बजे के बाद किसी भी तरह का हवन, यज्ञ या धार्मिक अनुष्ठान आयोजित नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में मंदिर में हवन कराने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को अब समय का विशेष ध्यान रखना होगा।
मंदिर समिति ने जारी किया आदेश
मंदिर प्रबंधन समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आदेश जारी होने के बाद मंदिर में हवन कराने वाले पंडितों, यज्ञशाला संचालकों और श्रद्धालुओं को नए नियम की जानकारी दी जा रही है। समिति ने सभी संबंधित लोगों से निर्धारित समय के मुताबिक ही धार्मिक आयोजन कराने की अपील की है।
मंदिर के बाहर बने हवन प्लॉट पर भी लागू
यह नियम सिर्फ मंदिर के अंदर होने वाले हवन तक सीमित नहीं है। मंदिर के बाहर बनाए गए हवन प्लॉट में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान भी इसकी समय सीमा के दायरे में होंगे। यानी रात 8 बजे के बाद इन स्थानों पर भी हवन या यज्ञ नहीं कराया जा सकेगा। श्रद्धालुओं और यज्ञशाला संचालकों को अब बुकिंग करते समय इस समय सीमा को ध्यान में रखना होगा।
नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
मंदिर समिति के आदेश में साफ किया गया है कि निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। समिति ने पंडितों और यज्ञशाला संचालकों से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा है। प्रबंधन के मुताबिक तय समय का पालन होने से मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन व्यवस्थित तरीके से संचालित किए जा सकेंगे।
श्रद्धालुओं को बुकिंग से पहले रखना होगा ध्यान
नए नियम के बाद मां बगलामुखी मंदिर में हवन कराने वाले श्रद्धालुओं को अपने अनुष्ठान की योजना निर्धारित समय के अनुसार बनानी होगी। रात 8 बजे के बाद हवन की अनुमति नहीं होने के कारण बुकिंग और आयोजन का समय पहले से तय करना जरूरी होगा। मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से नए आदेश का पालन करने की अपील की है।