8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सरकार ने मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने संसद में बताया कि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय कर्मचारियों को MACP योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह योजना 1 सितंबर 2008 से लागू हुई थी, इसलिए इससे पहले रिटायर हुए कर्मचारियों पर इसे लागू नहीं किया जा सकता।
क्या है MACP योजना?
MACP यानी मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन योजना उन कर्मचारियों के लिए बनाई गई थी, जिन्हें समय पर नियमित पदोन्नति नहीं मिल पाती थी। इस योजना के तहत 10, 20 और 30 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने पर या एक ही ग्रेड पे में 10 वर्ष पूरे होने पर कर्मचारियों को तीन वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) का लाभ दिया जाता है।
किन कर्मचारियों के लिए ज्यादा अहम है योजना?
यह योजना विशेष रूप से ग्रुप ‘C’ और ग्रुप ‘D’ के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इन श्रेणियों में नियमित पदोन्नति के अवसर अपेक्षाकृत कम होते हैं। ऐसे कर्मचारियों को प्रमोशन न मिलने की स्थिति में आर्थिक लाभ देने के उद्देश्य से MACP लागू की गई थी।
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सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि चूंकि MACP योजना सितंबर 2008 से प्रभावी हुई थी, इसलिए उससे पहले सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है। यानी केवल वे कर्मचारी, जो 1 सितंबर 2008 या उसके बाद सेवा में थे, इस योजना के दायरे में आएंगे।
अब कर्मचारियों की नई मांग
8वें वेतन आयोग के मद्देनजर कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) ने सरकार से MACP में बड़ा बदलाव करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा तीन वित्तीय उन्नयन की जगह कर्मचारियों को पांच बार वित्तीय उन्नयन का लाभ मिलना चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार यह लाभ 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर दिया जाए।
सरकार ने मांगा तीन साल का रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया के तहत विभिन्न विभागों से पिछले तीन वर्षों का MACP संबंधी डेटा मांगा गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कितने कर्मचारी इस योजना के विभिन्न चरणों तक पहुंचे हैं और भविष्य में इसमें किसी बदलाव की आवश्यकता है या नहीं।