भारत को 'दुनिया का मोबाइल हब' बनाने के लिए सरकार अब मोबाइल के पुर्जे यानी कंपोनेंट्स भी देश में बनाने पर जोर दे रही है। PLI 2.0 और 40000 करोड़ की नई कंपोनेंट स्कीम से पूरा इकोसिस्टम बदलेगा। IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार 40,000 करोड़ रुपये की कलपुर्जा योजना ला रही है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) है।
क्या-क्या बनेगा:
ये योजना 11 प्रमुख श्रेणियों के पुर्जों पर केंद्रित है - प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), कैपेसिटर, बाहरी ढांचे (Enclosures), लिथियम-आयन सेल, डिस्प्ले मॉड्यूल आदि। यानी मोबाइल का 'दिल और दिमाग' भारत में बनेगा। Apple के लिए फोन बनाने वाली फॉक्सकॉन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, ATL बैटरी टेक, हिंडालके, मदरसन जैसी कंपनियां इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं। 47,000 करोड़ से एक्सपोर्ट डबल करने का प्लानमई 2026 तक आएगी स्कीम: सरकार मई 2026 तक मोबाइल के लिए PLI 2.0 लाने की तैयारी में है। इसका बजट 5 अरब डॉलर यानी करीब 47,000 करोड़ रुपये होगा। PLI 2.0 का मुख्य मकसद मोबाइल फोन के एक्सपोर्ट को दोगुना करना है। अभी भारत से 2.62 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन का निर्यात होता है।
उत्पादन 9.8 लाख करोड़ हो गया
2020 में शुरू हुई पहली PLI स्कीम 40,995 करोड़ की थी। उसके बाद मोबाइल उत्पादन 2.4 लाख करोड़ से बढ़कर 9.8 लाख करोड़ हो गया। 98% मोबाइल अब भारत में बनते हैं। अभी मोबाइल में घरेलू वैल्यू एडिशन सिर्फ 15-20% है। नई स्कीम से ये 35-40% तक जाएगा। अभी ज्यादातर पुर्जे चीन से आते हैं। अब 'मेड इन इंडिया' हर पुर्जा होगा। भारत को चीन का विकल्प बनाया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, AI सेक्टर में 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियां हैं। नई स्कीम से ये और बढ़ेंगी। PLI 1.0 से 3 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य था।
25,000 करोड़ के मोबाइल एक्सपोर्ट
संतुलित विकास के लिए कई राज्यों को केंद्र बनाया गया है:महाराष्ट्र, कर्नाटक: 4-4 बड़ी यूनिट्स तमिलनाडु, UP, हरियाणा, आंध्र प्रदेश: 3-3 यूनिट्स तमिलनाडु PLI 2.0 का सबसे बड़ा लाभार्थी - 27 में से 7 इकाइयां यहीं लगी हैं। 74% बढ़ा एक्सपोर्टमई में रिकॉर्ड: मई 2025 में 3.09 अरब डॉलर यानी 25,000 करोड़ के मोबाइल एक्सपोर्ट हुए - 74% की सालाना बढ़ोतरी।
'मोबाइल की दुनिया का बादशाह' बनेगा भारत
Apple और Samsung भारत में प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं। Apple ने 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। PLI 2.0 से अगले 5 साल में 11.5 लाख करोड़ का उत्पादन होगा, जिसमें 7 लाख करोड़ का एक्सपोर्ट होगा। पहले PLI से भारत में मोबाइल असेंबली शुरू हुई। अब PLI 2.0 + 40,000 करोड़ की कंपोनेंट स्कीम से पुर्जे भी भारत में बनेंगे। इससे लागत घटेगी, चीन पर निर्भरता खत्म होगी और भारत सच में 'मोबाइल की दुनिया का बादशाह' बनेगा। IT मंत्री वैष्णव बोले - "मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद स्कीम आएगी, कंपनियों से बात चल रही है"।