
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच मध्य प्रदेश में इस समय मौसम पूरी तरह से मेहरबान है, लेकिन यह मेहरबानी अब मुसीबत बनती जा रही है। राज्य के 41 जिलों में लगातार हो रही भारी से अति भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ और डिप्रेशन जैसे कई स्ट्रॉन्ग सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर रीवा, सागर, रायसेन, दमोह और पन्ना में 8 इंच से अधिक बारिश की चेतावनी दी गई है।
41 जिलों में अलर्ट, भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश में तीन ट्रफ, दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक डिप्रेशन एक्टिव है। इसके कारण 41 जिलों में बारिश का खतरा बढ़ गया है। इनमें से 5 जिलों में रेड अलर्ट (रीवा, सतना, रायसेन, सागर, दमोह), 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रीवा-शहडोल संभाग में सबसे अधिक खतरा, कई जिलों में स्कूल बंद
रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, और शहडोल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंगरौली में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं सीधी में सिर्फ 9 घंटे में 4.8 इंच और सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई।
डैमों के गेट खुले, नेताओं तक के घर डूबे
ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के आवास में बारिश का पानी भर गया। जबलपुर के बैरगी और बैतूल के सतपुड़ा डैम के गेट खोलने पड़े। मुरैना में पगारा डैम का जलस्तर 655.88 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे की निशान से ऊपर है।
अगले तीन दिन रहें सतर्क: मौसम विभाग की चेतावनी
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अगले तीन दिन मौसम का यही मिजाज रहने वाला है। नागरिकों को जलभराव, बाढ़ और खराब यातायात की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।