मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के मुखौटे पहनकर विरोध दर्ज कराया। सदन के अंदर और बाहर जमकर नारेबाजी हुई, जिससे राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया।
ट्रेड डील पर सियासी संग्राम
विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के मुखौटे पहनकर सांकेतिक नाटक किया गया। विपक्ष का आरोप है कि यह समझौता देशहित में नहीं है और इससे किसानों और छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। सदन की कार्यवाही के दौरान भी इस मुद्दे पर लगातार हंगामा होता रहा।
नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने ट्रेड डील को “देश विरोधी” करार देते हुए कहा कि सरकार उद्योगपतियों के दबाव में फैसले ले रही है। उनका आरोप है कि इस समझौते से किसानों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय सरकार बड़े कॉरपोरेट समूहों को फायदा पहुंचाने में लगी है।
बिजली कंपनियों और जबलपुर ब्रिज पर सवाल
विपक्ष ने प्रदेश की बिजली कंपनियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उमंग सिंघार ने कहा कि यदि कंपनियां लाभ में हैं तो उसका फायदा आम जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा। इसके साथ ही जबलपुर के शहपुरा में गिरे रेलवे ओवरब्रिज को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। उन्होंने मांग की कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर उत्साह
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के प्रस्तावित भोपाल दौरे को लेकर कांग्रेस में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी किसानों और आम जनता के मुद्दों को लेकर प्रदेश में आवाज बुलंद करेंगे। वहीं, विधायक Hemant Katare के इस्तीफे को लेकर भी चर्चाएं जारी रहीं। सदन में प्रवेश के दौरान वे मीडिया से बचते नजर आए, हालांकि बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
सियासी तापमान और आगे की राह
बजट सत्र के दौरान उठे इन मुद्दों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ट्रेड डील, किसानों के हित, बिजली दरें और अधोसंरचना जैसे सवालों पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और बजट सत्र किस दिशा में आगे बढ़ता है।