मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा की एक संभावित सीट के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर दिल्ली में मंथन का दौर जारी है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को राजधानी बुलाया गया है, जहां शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों का सिलसिला चल रहा है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों के भीतर उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला सामने आ सकता है।
दिल्ली में जुटे प्रदेश के बड़े नेता
राज्यसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व सभी नेताओं से राय लेकर एक सर्वमान्य नाम तय करने की कोशिश में जुटा है।
नए चेहरे को मौका देने पर विचार
सूत्रों के अनुसार पार्टी इस बार किसी नए चेहरे को राज्यसभा भेजने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसी वजह से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से जुड़े नेताओं के नामों पर चर्चा की जा रही है। नेतृत्व चाहता है कि उम्मीदवार ऐसा हो जो संगठन और सामाजिक संतुलन दोनों को साध सके।
कई नाम चर्चा में, दौड़ हुई रोचक
राज्यसभा की संभावित दावेदारी में कमलनाथ, अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा, मीनाक्षी नटराजन, प्रियव्रत सिंह और प्रवीण पाठक जैसे नाम चर्चा में हैं। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में कमलनाथ, प्रियव्रत सिंह और प्रवीण पाठक के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही होगा।
चुनावी गणित में कांग्रेस को एक सीट की उम्मीद
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान विधानसभा संख्या बल के आधार पर दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। यही कारण है कि कांग्रेस अपने एकमात्र उम्मीदवार के चयन को लेकर बेहद सावधानी बरत रही है।
अगले दो दिन अहम
राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब दिल्ली में चल रही बैठकों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। उम्मीदवार के ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं और समीकरणों का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।