मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में जहरीली मिठाई खाने से तीन लोगों की मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। कई दिनों तक उलझी रही जांच के बाद पुलिस ने इस दर्दनाक घटना का खुलासा किया है। आरोप है कि बहू से नाराज ससुराल पक्ष ने पशुओं को दी जाने वाली दवा मिठाई में मिलाकर जानलेवा साजिश रची।
जुन्नारदेव की घटना से हड़कंप
8 जनवरी को पीएचई कार्यालय के गेट पर मिठाई और नमकीन से भरी एक थैली टांगी मिली थी। लावारिस समझकर चौकीदार समेत कुछ लोगों ने इसे खा लिया। अगले ही दिन चौकीदार की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद अन्य दो लोगों की हालत भी गंभीर होती चली गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
एक के बाद एक तीन मौतें
11 जनवरी को बुजुर्ग सुंदरलाल कथूरिया ने दम तोड़ा, जबकि 14 जनवरी को नागपुर में इलाज के दौरान खुशबू कथूरिया की मौत हो गई। खुशबू ने प्रेम विवाह किया था और पारिवारिक तनाव के चलते वह दिसंबर 2025 से मायके में रह रही थी। परिजनों का आरोप था कि ससुराल वाले उसे अपनाना नहीं चाहते थे।
विसरा रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा
शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन विसरा रिपोर्ट में आर्सेनिक युक्त पशु-चिकित्सकीय दवा मिलने के बाद तस्वीर साफ होने लगी। पुलिस ने इलाके में पड़ताल की तो पता चला कि खुशबू के ससुराल में घोड़ा पाला जाता है और वही दवा वहां इस्तेमाल होती थी।
सख्ती से उगला सच
पूछताछ में पुलिस ने ससुर, देवर और ननद को हिरासत में लिया। सख्ती बरतने पर तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि खुशबू से नाराजगी के चलते उन्होंने मिठाई में जहरीली दवा मिलाई और उसे सार्वजनिक जगह पर टांग दिया, ताकि वह या उसके परिजन खा लें।
हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में जेल भेज दिया है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लावारिस खाद्य सामग्री का सेवन न करें और संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत सूचना दें।