Madhya Pradesh Police : यह जानकारी सत्यापित स्रोतों में उपलब्ध नहीं है कि Madhya Pradesh Police (मध्य प्रदेश पुलिस) के कर्मियों को मूँछ रखने के एवज में कोई विशेष “भत्ता” या “बोनस” मिलता है. बल्कि, कुछ रिपोर्टें इस विषय में उल्टी‑दिशा में संकेत देती हैं. यानी मूँछों को लेकर विभागीय नियम कड़े हैं और मूँछें बढ़ाने वालों को चेतावनी या सस्पेंशन तक का सामना करना पड़ रहा है. उदाहरण के लिए, एक कांस्टेबल को मूँछ लंबी रखने के कारण सस्पेंड किया गया था.
1. पारंपरिक चर्चा और प्रयोजन
भारत में पुलिस वर्दी‑प्रथा में मूँछ को एक प्रकार की शख्सियत, सम्मान और स्थिति का प्रतीक माना जाता रहा है. विशेष रूप से पहले के दशकों में कई राज्यों में यह देखा गया कि पुलिसकर्मियों की मूँछें लंबी, घनी और रूप‑ठाक से बनी होती थीं. इस परंपरा को बनाए रखने या पुनर्जीवित करने की कोशिशें समय‑समय पर होती रही हैं. उदाहरण स्वरूप, Uttar Pradesh Police में 2019 में “मूँछ भत्ता (moustache allowance)” बढ़ाने की योजना सामने आई थी. हालांकि, मध्य प्रदेश में ऐसी “भत्ता” की पुष्टि नहीं मिली है — बल्कि मूँछों से संबंधित नियमों‑अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं.
2. मध्य प्रदेश की स्थिति और विवाद
मध्य प्रदेश पुलिस में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया था जब एक कांस्टेबल Rakesh Rana को लंबी मूँछ और बाल रखने के कारण सस्पेंड किया गया था. उस आदेश में कहा गया था कि उनकी मूँछ “गले तक” पहुँची हुई थी और यूनिफॉर्म सेवा‑मानदंडों के अनुरूप नहीं थी. इस मामले में यह स्पष्ट है कि मूँछ‑वंश को बढ़ावा देने या भत्ता देने की बात नहीं बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई अधिक थी. इसलिए, यह कथन कि मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को मूँछ रखने पर बोनस या भत्ता मिलता है, वर्तमान प्रमाण‑स्थिति में गलत साबित होता दिखता है.
3. नियम‑अनुपालन और प्रतिक्रिया
पुलिस विभाग में वर्दी, हेयर‑स्टाइल और मूँछ जैसी दिखावे‑प्रसंगों को लेकर नियम होते हैं, जिन्हें पालन करना अनिवार्य माना जाता है. मध्य प्रदेश के मामले में विभाग ने स्पष्ट किया कि सस्पेंशन आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा नहीं था, इसलिए बाद में उसे रद्द भी किया गया था. यह बताता है कि नियम‑विवाद और प्रावधानों की अस्पष्टता बनी हुई है लेकिन भत्ता जैसे किसी लाभ‑प्रदान का तथ्य नहीं मिला है.
4. जन‑विचार एवं मीडिया रिपोर्टिंग की स्थिति
मीडिया तथा चर्चा‑मंचों पर मूँछ भत्ते की बातें अक्सर सुनने‑पढ़ने को मिलती हैं, विशेषकर अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में. उदाहरण के लिए वहाँ मूँछ भत्ते को 50 रुपये से 250 रुपये मासिक तक बढ़ाने की योजना थी. लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि यह मध्य प्रदेश के लिए नहीं था। इसलिए जन‑धारणा हो सकती है कि “हर राज्य में मूँछ रखने पर भत्ता मिलता है”, किन्तु तथ्य‑स्थिति में ऐसा नहीं है, कम‑से‑कम मध्य प्रदेश में अब तक ऐसा देखा नहीं गया.
मध्य प्रदेश पुलिस कर्मियों को मूँछ रखने के बदले में कोई आधिकारिक बोनस या भत्ता मिलने की पुष्टि नहीं मिली है. अगर ऐसी कोई घोषणा हुई होती, तो उसे सरकारी अधिसूचना, बजट दस्तावेज़ या विभागीय आदेशों के माध्यम से देखा जाना चाहिए था, जो उपलब्ध नहीं हैं.