
मध्यप्रदेश में सोशल मीडिया पर वायरल हुए देसी कार्बाइड गन ने दिवाली खुशियों को फीका कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केवल तीन दिनों में राज्य भर के अस्पतालों में 122 से अधिक बच्चे इस गन से चोटिल होकर भर्ती हुए। वहीं कम से कम चौदह बच्चों ने अपनी दृष्टि खो दी। इस उपकरण में आमतौर पर एक छोटे प्लास्टिक पाइप में कैल्शियम कार्बाइड डाला जाता है।
कॉर्निया और रेटिना को चोटिल करते हैं
पानी मिलने पर एसीटिलीन गैस बनती है। नीचे लगी आग से तेज धमाका होता है। विस्फोटित गैस और उड़े कण सीधे आंखों के साथ चेहरे पर गिरकर कॉर्निया और रेटिना को चोटिल करते हैं। इसे क्षति पहुंचाते हैं। डॉक्टरों ने कॉर्नियल बर्न, दृष्टि में धुंधलापन और चेहरे के झुलसने की रिपोर्ट दी है।
ट्रेंड काफी से तेजी से बढ़ा
खंडवा की स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के विभिन्न चौहरों और बाजारों पर यह गन बिकती मिली हैं। कुछ दुकानदारों और राजस्थान से आए समूहों के जरिए बेचने वालों ने बताया कि इसमें उपयोग होने वाला प्लास्टिक पाइप लगभग तीस रुपए में आ जाता है। वहीं तैयार गन मात्र सौन रुपये के आसपास बिकती है। दिवाली के तहत मांग बढ़ने से बच्चों में इस ट्रेंड काफी से तेजी से बढ़ा है।
नेत्र विशेषज्ञ या अस्पताल से संपर्क करें
बच्चों के बीच इस गन का क्रेज सोशल मीडिया के जरिए चढ़ा। वे वीडियो को देखकर ऐसी चीजों से खेल रहे हें। इससे न खेलने दें। अगर कोई बच्चा प्रभावित होता है तो आंखों को रगड़ें नहीं बल्कि तुरंत करीबी नेत्र विशेषज्ञ या अस्पताल से संपर्क करें। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि वह इस तुरंत बैन लगा दे।