मध्य प्रदेश में एक बार फिर नाम परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार खरगोन जिले के गोगावां ब्लॉक स्थित गांव मोहम्मदपुर का नाम बदलकर बजरंगपुर कर दिया गया है। लंबे समय से इस गांव के नाम बदलने की मांग की जा रही थी, जिसे अब आधिकारिक अधिसूचना के साथ लागू कर दिया गया है। इस फैसले को धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर देखा जा रहा है। गांव में इस खबर के बाद जश्न का माहौल है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग, ग्रामीणों की मिली थी सहमति
ग्राम मोहम्मदपुर का नाम बदलने की मांग बीते कई वर्षों से स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों द्वारा की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि "बजरंगपुर" नाम उनके धार्मिक विश्वास, परंपरा और आस्था के अधिक अनुरूप है। प्रस्ताव पहले पंचायत स्तर पर पारित हुआ, फिर ब्लॉक और जिला प्रशासन से होता हुआ राज्य सरकार तक पहुंचा। अब इसे राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है।
राजस्व रिकॉर्ड में भी अब 'बजरंगपुर' दर्ज होगा
नाम परिवर्तन के बाद अब सभी राजस्व रिकॉर्ड, पहचान पत्र, पंचायत और प्रशासनिक दस्तावेजों में "बजरंगपुर" नाम दर्ज किया जाएगा। यह सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं बल्कि सामाजिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
सांसद गजेंद्र पटेल ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
खरगोन के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने इस फैसले को ऐतिहासिक और जनभावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। वर्षों से ग्रामीण इसकी मांग कर रहे थे, जो अब साकार हो पाई है।"
भोपाल के अशोका गार्डन का नाम पहले ही बदला जा चुका है
इससे पहले राजधानी भोपाल में अशोका गार्डन का नाम बदलकर रामबाग रखा गया था। राज्य में लगातार नाम बदलने की इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे "ध्रुवीकरण की राजनीति" बताया है, जबकि समर्थक इसे "आस्था का सम्मान" कह रहे हैं।