फरियाद लेकर आते हैं भक्त, मिलता है न्याय । सावन का पावन महीना शिवभक्तों के लिए बेहद खास होता है, और इस दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले का 'मजिस्ट्रेट महादेव मंदिर' आस्था का अनोखा केंद्र बना हुआ है। ग्वालियर से करीब 15 किलोमीटर दूर गिरगांव गांव में स्थित इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान शिव को एक 'न्यायाधीश' यानी जज के रूप में पूजा जाता है।
महादेव के दरबार में सुनवाई, होता है फैसला
यह मंदिर उन लोगों के लिए आशा की किरण है जो विवादों और समस्याओं से परेशान हैं। यहां पंच, गवाह और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होती है और फिर भगवान शिव की मूर्ति के सामने दोनों पक्षों को शपथ दिलाई जाती है। दोषी पाए जाने पर सामाजिक या आर्थिक दंड के साथ जरूरत पड़ने पर पुलिस हस्तक्षेप भी होता है।
हर मजहब, हर इलाका—सबके लिए खुला दरबार
दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी लोग यहां अपनी फरियाद लेकर आते हैं। खास बात यह है कि केवल हिंदू ही नहीं, मुस्लिम समुदाय के लोग भी यहां आकर न्याय की उम्मीद करते हैं।
सावन में लगता है भक्तों का मेला
सावन के दौरान इस मंदिर में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। मंदिर के बाहर लगी ‘मजिस्ट्रेट महादेव’ की पट्टिका इसे अलग पहचान देती है। यहां न्याय सिर्फ कानूनी नहीं, आध्यात्मिक भी माना जाता है।