Mahakal Bhakt Khali, Ujjain Police Dog बाबा महाकाल की भक्ति में इंसान तो सिर झुकाते ही हैं, लेकिन उज्जैन में इन दिनों एक ऐसी भक्त चर्चा में है, जिसकी आस्था का अंदाज थोड़ा अलग है। उज्जैन पुलिस की छह साल की मादा डॉग ‘खली’ सावन के सोमवार को अन्न छोड़ देती है। इस दिन वह रोटी या सामान्य भोजन नहीं करती, बल्कि सिर्फ दूध लेती है। यही नहीं, महाकाल मंदिर में ड्यूटी के दौरान वह रोज मंदिर के शिखर की ओर श्रद्धा से नमन करती है। खली की यह अनोखी दिनचर्या अब लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।
सावन सोमवार आते ही बदल जाती है खली की दिनचर्या
खली उज्जैन पुलिस लाइन में तैनात है और महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सावन के सोमवार को जब बाबा महाकाल की सवारी निकलती है, तब उसकी ड्यूटी भी बेहद अहम हो जाती है। खास बात यह है कि इसी दिन खली खाना छोड़ देती है। उसके हैंडलर के मुताबिक, सामान्य दिनों में उसे दूध, रोटी और पेडिग्री दी जाती है, लेकिन सोमवार को वह पेडिग्री नहीं खाती और केवल दूध लेती है। पेडिग्री में मांसाहारी सामग्री होने के कारण सोमवार को उसे सिर्फ दूध दिया जाता है।
पहले लगा तबीयत खराब है, जांच में बिल्कुल स्वस्थ निकली
खली के हैंडलर ने बताया कि जब उसने पहली बार सावन सोमवार को खाना छोड़ दिया था, तो उन्हें लगा कि शायद उसकी तबीयत खराब है। इसके बाद डॉक्टर से उसकी जांच कराई गई। जांच में खली पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। बाद में ध्यान दिया गया कि सावन के सोमवार को वह लगातार इसी तरह भोजन छोड़ देती है। उसे सामान्य खाना देने की कोशिश की जाए तो भी वह उसे नहीं खाती और केवल दूध लेती है। अब यह लगातार तीसरा साल है, जब सावन सोमवार के दिन खली इसी तरह अन्न छोड़ रही है।
महाकाल की सवारी में सुरक्षा की जिम्मेदारी
खली सिर्फ मंदिर में तैनात पुलिस डॉग नहीं है, बल्कि महाकाल की सवारी के दौरान सुरक्षा जांच में भी अपनी जिम्मेदारी निभाती है। पूरे दिन ड्यूटी करने के बाद शाम को निकलने वाली शोभायात्रा में भी वह सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहती है। महाकाल की सवारी में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में सुरक्षा जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी व्यवस्था में खली अपनी प्रशिक्षित क्षमता के साथ जिम्मेदारी निभाती है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भी दे चुकी है सेवा
खली की जिम्मेदारी केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रही है। वह राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा टीम में भी अपनी सेवाएं दे चुकी है। अब महाकाल की नगरी में उसकी ड्यूटी और सावन सोमवार के दौरान भोजन छोड़ने की आदत ने उसे खास बना दिया है। उसके हैंडलर इसे महाकाल की सेवा और सवारी से जुड़ी उसकी अनोखी आदत मानते हैं। आस्था की दुनिया में खली की यह कहानी इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि एक तरफ वह बाबा महाकाल की सवारी की सुरक्षा में तैनात रहती है और दूसरी ओर सावन सोमवार को दूध लेकर जैसे अपनी अलग ही ‘भक्ति की ड्यूटी’ निभाती नजर आती है।