उज्जैन, मध्यप्रदेश: सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में व्यापक स्तर पर अधोसंरचना तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इन तैयारियों के तहत अब श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 1.7 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जा रहा है। इसका कार्य प्रारंभ कर दिया गया है और इसे वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रद्धालुओं के लिए रोपवे से सीधा मंदिर तक पहुंच
यह रोपवे उज्जैन रेलवे स्टेशन से शुरू होकर महाकाल लोक तक जाएगा। मार्ग में तीन स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से एक स्टेशन महाकाल लोक की पार्किंग, दूसरा गणेश कॉलोनी और तीसरा महाकाल मंदिर के निकट मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर के पास होगा। इस रोपवे की मदद से श्रद्धालु सीधे मंदिर परिसर के निकट उतर सकेंगे।
सिर्फ 5-7 मिनट में पहुंचेगा मंदिर
रोपवे में 55 केबिन होंगे, जो दिन में 16 घंटे तक संचालित होंगे। श्रद्धालु 5 से 7 मिनट में मंदिर तक पहुंच सकेंगे। यह प्रोजेक्ट श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मददगार साबित होगा।
क्षमता और सुरक्षा दोनों सर्वोपरि
इस अत्याधुनिक रोपवे की यात्री वहन क्षमता प्रति घंटे 2,000 लोग होगी। इसमें 13 टावर और अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। प्रोजेक्ट को यूरोपीय मानकों पर डिजाइन किया गया है। कंपनी की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया है कि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में केबिन स्वतः स्टेशन तक पहुंचने में सक्षम होंगे।
महाकाल दर्शन होंगे अधिक सुलभ और सुरक्षित
यह परियोजना न केवल सिंहस्थ 2028 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए है, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और शहर प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक अहम कदम है।