Ujjain News: उज्जैन में बाबा महाकाल की पारंपरिक कार्तिक माह की पहली सवारी 27 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। इस सवारी का शहरवासियों और भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रशासन ने इस बार की सवारी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सड़क, सफाई, सुरक्षा, रोशनी और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को दर्शन और आवागमन में कोई दिक्कत न हो।
चार बार निकलेगी बाबा की सवारी
महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली यह पारंपरिक सवारी 27 अक्टूबर को प्रारंभ होगी, जबकि अन्य सवारियां क्रमशः 3, 10 और 17 नवंबर को आयोजित होंगी। शनिवार को मंदिर में हुई प्रशासनिक बैठक में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा की। नगर निगम ने सड़कों की मरम्मत, सफाई और इल्यूमिनेशन का काम लगभग पूरा कर लिया है।
पहली बार शामिल होगा महाकाल मंदिर का बैंड
इस वर्ष की सवारी का सबसे खास आकर्षण महाकाल मंदिर का अपना बैंड होगा, जो पहली बार पारंपरिक सवारी में शामिल किया जा रहा है। इससे पूरे आयोजन में भक्ति और उल्लास का विशेष माहौल बनेगा। कलेक्टर ने बताया कि इस सवारी को पूरी परंपरागत और धार्मिक गरिमा के साथ निकाला जाएगा।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा खास फोकस
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। गुजरात सहित अन्य राज्यों से आने वाले भक्तों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक रूट्स को री-डिज़ाइन किया गया है। पूरे मार्ग पर CCTV कैमरे, ड्रोन और लाइव वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाएगी।
हरिहर मिलन के दौरान कड़ी निगरानी
3 नवंबर की रात 11 बजे गोपाल मंदिर में होने वाले हरिहर मिलन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। सड़कों पर बैरिकेडिंग रहेगी और पुलिस व नगर निगम के जवान तैनात रहेंगे ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।