सावन के पहले सोमवार यानी 3 अगस्त को निकलने वाली बाबा महाकाल की पहली शाही सवारी को लेकर उज्जैन में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था का विशेष प्लान तैयार किया है। इस बार सवारी की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। पूरे मार्ग पर CCTV कैमरों के साथ ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी।
शाही सवारी की सुरक्षा में तैनात रहेंगे 1500 पुलिसकर्मी
भगवान महाकाल की पहली शाही सवारी को लेकर उज्जैन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार सवारी के दौरान करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल को सवारी मार्ग, प्रमुख चौराहों, मंदिर परिसर और भीड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। अधिकारियों की निगरानी में पूरे सुरक्षा इंतजामों को संचालित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
CCTV और ड्रोन कैमरों से होगी पूरे मार्ग की निगरानी
इस बार महाकाल की शाही सवारी में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सवारी के पूरे मार्ग पर CCTV कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा पहली बार ड्रोन कैमरों के जरिए भी पूरे आयोजन पर नजर रखी जाएगी। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फुटेज सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन तुरंत निर्णय लेकर कार्रवाई कर सकेगा।
श्रद्धालुओं के लिए लागू किया गया ट्रैफिक प्लान
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष प्लान लागू किया गया है। पुलिस ने डायवर्जन रूट तय किए हैं, जिनकी जानकारी पहले ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके साथ ही नगर निगम के सहयोग से सवारी मार्ग पर अतिक्रमण हटाने का काम भी किया गया है, ताकि बाबा महाकाल की सवारी बिना किसी बाधा के निकल सके।
काल भैरव और इंदौर रोड पर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाहनों की पार्किंग के विशेष इंतजाम किए गए हैं। काल भैरव क्षेत्र को मुख्य पार्किंग स्थल बनाया गया है, जबकि इंदौर रोड पर भी अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश मार्ग त्रिवेणी गेट से शुरू होकर महाकाल लोक होते हुए मंदिर तक जाएगा। वापसी के लिए भी इसी व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से भी जुड़ी व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महाकाल की शाही सवारी के लिए किए गए ये इंतजाम भविष्य में होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। आधुनिक तकनीक, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के अनुभव से आने वाले बड़े आयोजनों के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि बाबा महाकाल की शाही सवारी श्रद्धा और सुरक्षा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो।