Mahakal Temple : उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब हर दिन तय संख्या में ही श्रद्धालुओं को आरती के दर्शन की अनुमति मिलेगी, मंदिर प्रशासन एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करने जा रहा है जो नई व्यवस्था को अंतिम रूप देगी, यह गाइडलाइन श्रावण मास से पहले लागू होगी, जिससे भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बेहतर हो सके.
भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती के नियमों में अब बदलाव की तैयारी है. मंदिर प्रशासन ने फैसला किया है कि अब सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को आरती के लिए अनुमति दी जाएगी। भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है.
नई समिति तय करेगी दर्शन की सीमा
मंदिर समिति जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी.। यह समिति सभी माध्यमों — ऑनलाइन बुकिंग, ऑफलाइन बुकिंग, प्रोटोकॉल अनुशंसा और पुजारी प्रतिनिधित्व — की समीक्षा करेगी. समिति यह तय करेगी कि रोजाना कितने श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाए.
फिलहाल 1800 श्रद्धालु करते हैं दर्शन
वर्तमान में रोजाना लगभग 1800 श्रद्धालु भस्म आरती में भाग लेते हैं. इनमें से कुछ ऑनलाइन टिकट लेकर आते हैं, कुछ ऑफलाइन लाइन में लगकर, कुछ प्रोटोकॉल के तहत और कुछ पुजारियों के यजमान बनकर। लेकिन इस संख्या में अब कटौती की जाएगी.
श्रावण मास से पहले होगी नई व्यवस्था लागू
इस साल श्रावण मास 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. हर साल इस दौरान लाखों श्रद्धालु उज्जैन आते हैं. ऐसे में प्रशासन नई गाइडलाइन को श्रावण से पहले लागू करना चाहता है ताकि भीड़ नियंत्रित की जा सके और हर भक्त को बेहतर दर्शन मिल सकें.
अब तक ये हैं दर्शन के चार प्रमुख माध्यम
- ऑनलाइन बुकिंग: 200 प्रति व्यक्ति – 400 श्रद्धालु
- ऑफलाइन बुकिंग: निःशुल्क – 300 श्रद्धालु
- प्रोटोकॉल अनुशंसा: 200–600 – अनुमानित संख्या
- पुजारी प्रतिनिधि यजमान: ₹200–500 – अनुमानित संख्या
- अब इन माध्यमों पर समिति की समीक्षा के बाद संशोधन संभव है.