उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दीपावली के दूसरे दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई। बाबा महाकाल के भक्त सौरभ राज सोनी ने सोमवार की भस्म आरती में शामिल होने से कुछ घंटे पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा— “दिल तो महाकाल का है, हम तो किरायेदार हैं…” और कुछ ही देर बाद मंदिर परिसर में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। भक्ति में लीन इस युवक की मौत ने हर भक्त का दिल दहला दिया।
भस्म आरती से पहले मंदिर में गिर पड़े सौरभ
घटना महाकाल मंदिर के गेट नंबर एक के पास की बताई जा रही है। सोमवार तड़के जब भस्म आरती की तैयारियां चल रही थीं, तभी 30 वर्षीय सौरभ राज सोनी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था और हृदय की गति रुक जाने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हर सोमवार पहुंचते थे बाबा महाकाल के दरबार
सौरभ राज सोनी उज्जैन के फ्रीगंज क्षेत्र में रहते थे और ‘विनायक कैफे’ नाम से चाय की दुकान चलाते थे। वे हर सोमवार को महाकाल मंदिर की भस्म आरती में अनिवार्य रूप से शामिल होते थे। दीपावली के दूसरे दिन भी वे तड़के आरती में शामिल होने पहुंचे थे। उनके दोस्तों का कहना है कि वे सच्चे शिवभक्त थे और बाबा महाकाल को अपना सर्वस्व मानते थे।
अंतिम स्टेटस बना जीवन की आखिरी पंक्ति
मृत्यु से कुछ घंटे पहले सौरभ ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था—
“मिट्टी का शरीर है, सांसें सारी उधार हैं, दिल तो महाकाल का है, हम तो किरायेदार हैं…”
यह पंक्ति अब उनके अंतिम शब्द बन गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह संयोग नहीं, बल्कि उनके ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।
महाकाल की नगरी में गूंज उठा सन्नाटा
घटना के बाद महाकाल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। दीपावली की खुशियों के बीच यह घटना भक्ति और विरक्ति का मार्मिक संदेश छोड़ गई। सौरभ का जीवन और उनके अंतिम शब्द हर भक्त को यह याद दिलाते हैं कि मृत्यु भी उस परमेश्वर की लीला का हिस्सा है, जिसकी भक्ति में सौरभ लीन थे।