Maharashtra civic elections: महाराष्ट्र में महानगरपालिकाओं के चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुंबई महानगरपालिका समेत कई बड़े शहरों में सीट बंटवारे को लेकर पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। अमरावती, नासिक, मालेगांव, धुळे, नागपुर, सोलापुर, जलगांव, छत्रपती संभाजीनगर और कल्याण-डोंबिवली जैसे शहरों में गठबंधन और सीट शेयरिंग पर लगातार बैठकें चल रही हैं। कहीं बातचीत अंतिम दौर में है तो कहीं मतभेद गहराते जा रहे हैं। इसी बीच कुछ दलों ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनावी मैदान में उतरने का संकेत भी दे दिया है, जिससे मुकाबला और रोचक होता दिख रहा है।
अमरावती, नासिक में पेंच
अमरावती महानगरपालिका चुनाव को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के बीच गठबंधन की तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। दोनों दलों के नेताओं की संयुक्त बैठक के बाद जल्द आधिकारिक ऐलान की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर महायुति के भीतर सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन सकी है, जिस कारण बैठकें अमरावती से नागपुर शिफ्ट करनी पड़ी हैं। नासिक में भी महायुति में खींचतान जारी है। बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार गुट अपनी-अपनी सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व पर टिका हुआ है।
सोलापुर, केडीएमसी में अलग राह
सोलापुर में सियासी समीकरण अलग नजर आ रहे हैं। यहां शिंदे गुट और अजित पवार गुट ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बीजेपी के अलग राह पर जाने के संकेत हैं। इसी बीच शरद पवार गुट ने सोलापुर में उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कल्याण-डोंबिवली में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गठबंधन में उन्हें अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिली। वहीं जलगांव और छत्रपती संभाजीनगर में भी सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के निकाय चुनावों से पहले सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ होने में अभी वक्त लग सकता है।