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C.P. Radhakrishnan: एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक ऐलान किया। राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और इससे पहले झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। उन्हें तेलंगाना और पुदुच्चेरी का भी अतिरिक्त प्रभार मिला था। भाजपा और आरएसएस से जुड़े राधाकृष्णन का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक का रहा है और वे दो बार कोयम्बटूर से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।
राजनीतिक सफर और भूमिकाएँ
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुप्पुर, तमिलनाडु में हुआ। वे लंबे समय से भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं। 1998 और 1999 में उन्होंने कोयम्बटूर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। 2003 से 2006 तक वे भाजपा तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष रहे और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्यपाल के तौर पर उन्होंने फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड में और जुलाई 2024 से अब तक महाराष्ट्र में सेवाएँ दीं। इसके अलावा तेलंगाना और पुदुच्चेरी का भी अतिरिक्त प्रभार संभाला। संसद में वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और कई वित्तीय व सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित समितियों का हिस्सा रहे हैं।
उल्लेखनीय पहल और पृष्ठभूमि
राधाकृष्णन ने राजनीति में रहते हुए कई सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को उठाया। भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने नदियों को जोड़ने के उद्देश्य से 93 दिन की रथयात्रा निकाली थी। उन्होंने आतंकवाद विरोध और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कोयम्बटूर स्थित वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज से बीबीए की डिग्री हासिल की। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। अब सभी की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं कि राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद तक पहुँचने में कितनी सफलता हासिल करते हैं।