अगर आप होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों से पीने के पानी के नाम पर मनमानी नहीं कर सकेंगे। नए आदेश के तहत हर ग्राहक को मुफ्त में साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना होगा। साथ ही किसी भी ग्राहक को बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि सुरक्षित पीने का पानी हर ग्राहक का अधिकार है।
FDA ने जारी किए नए नियम
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने होटल और रेस्टोरेंट के लिए नए खाद्य सुरक्षा नियम लागू किए हैं। इन नियमों का मकसद ग्राहकों को सुरक्षित भोजन और बेहतर सुविधाएं देना है। अब सभी होटल और रेस्टोरेंट को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के तय मानकों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
खाने को लेकर भी सख्ती
नए नियमों के तहत अब खाने को अखबार में परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल फूड ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाएगा ताकि भोजन सुरक्षित रहे। इसके अलावा खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल को बार-बार उपयोग करने पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे लोगों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर को कम किया जा सकेगा।
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कर्मचारियों पर भी नए नियम
होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराना अब जरूरी होगा। साथ ही उन्हें फूड सेफ्टी से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जाएगी। सरकार चाहती है कि ग्राहकों तक पहुंचने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसलिए कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति और प्रशिक्षण दोनों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
मेन्यू में देनी होगी पूरी जानकारी
अब बड़े होटल, रेस्टोरेंट और फूड चेन को अपने मेन्यू में हर डिश की कैलोरी, एलर्जी से जुड़ी जानकारी और यह साफ लिखना होगा कि भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी। इससे ग्राहक अपनी जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार सही विकल्प चुन सकेंगे। सरकार का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ने से ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
सख्त निगरानी करेगी सरकार
सरकार का कहना है कि कई जगह निरीक्षण के दौरान गंदगी में खाना बनते और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी के मामले सामने आए थे। इसी के बाद यह सख्त फैसला लिया गया। अब पूरे महाराष्ट्र में होटल और रेस्टोरेंट पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। जो भी नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं मिल सकेंगी।