
Maharashtra objects to SIR: देशभर में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन महाराष्ट्र ने इस पर आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य फिलहाल SIR के लिए तैयार नहीं है। आयोग का तर्क है कि निकाय चुनावों के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, क्योंकि फिलहाल उपलब्ध संसाधन और कर्मचारी चुनावी कार्य में ही लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र ने पहले भी ECI को इसी तरह का प्रस्ताव भेजा था और अब दोबारा रिमाइंडर देने की तैयारी है।
क्यों पीछे हट रहा है महाराष्ट्र?
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को 30 सितंबर तक SIR की तैयारी करने का निर्देश दिया है, ताकि अक्टूबर-नवंबर से मतदाता सूची संशोधन का काम शुरू हो सके। लेकिन महाराष्ट्र के सूत्रों का कहना है कि SIR और निकाय चुनाव दोनों के लिए एक ही स्टाफ और मैन पावर की जरूरत होती है, ऐसे में दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ संभालना संभव नहीं है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को आदेश दिया था कि महाराष्ट्र के निकाय चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले कराए जाएं। ओबीसी आरक्षण विवाद के चलते 2022 से ये चुनाव टलते आ रहे थे।
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देशभर में होगी SIR की घोषणा
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही देशभर में SIR की शुरुआत की घोषणा भी हो सकती है। बिहार में तो SIR की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस और राजद ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप लगाए थे। बताया जा रहा है कि अधिकांश राज्यों में पिछली बार SIR की कवायद 2002 से 2004 के बीच हुई थी। अब महाराष्ट्र के रुख से साफ है कि राज्य चुनाव आयोग चाहता है कि पहले निकाय चुनाव कराए जाएं और उसके बाद ही SIR की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।