
महाराष्ट्र में गुरुवार का दिन सड़क हादसों के नाम रहा। राज्य के नासिक जिले और छत्रपति संभाजीनगर जिले में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं ने पांच लोगों की जान ले ली और दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नासिक में मजदूरों से भरी पिकअप और कार की भिड़ंत
नासिक जिले के सटाना तालुका के ताहराबाद-मुल्हेर मार्ग पर गुरुवार रात करीब सवा आठ बजे बड़ा हादसा हुआ। अंतापुर शिवारा के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप और सामने से आ रही कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक और घायल सभी सटाना तालुका के बोरदैवत और हनुमंतपाडा गांव के रहने वाले थे। हादसे के चलते कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात पूरी तरह रुक गया। हालांकि, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रास्ता साफ किया गया और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो पाई। जयखेड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संभाजीनगर में बॉयलर के नीचे दबे सास-दामाद
दूसरा हादसा छत्रपति संभाजीनगर जिले के वेरूल लेनी घाट पर हुआ। यहां शाम करीब चार बजे एक आयशर ट्रक और 16 टायर ट्रक आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि आयशर ट्रक पर लदा औद्योगिक बॉयलर बेल्ट टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। दुर्भाग्य से उसी समय वहां से गुजर रहे बाइक सवार कचरू सांडू त्रिभुवन (42) और उनकी सास चंद्रभागाबाई भालेराव (65) इसकी चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर हालत में खुलताबाद ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में एक चारपहिया वाहन को भी भारी नुकसान हुआ। घटना के बाद घाट में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और गिरे हुए बॉयलर को हटवाया, जिसके बाद यातायात बहाल किया जा सका।
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हादसों से उठे सड़क सुरक्षा के सवाल
दोनों हादसों ने न केवल पीड़ित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि एक बार फिर यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। तेज रफ्तार, भारी वाहनों की लापरवाही और खराब सड़क व्यवस्था जैसे मुद्दे इन घटनाओं के पीछे दिखाई देते हैं। पुलिस ने दोनों घटनाओं में पंचनामा कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मगर सवाल यह है कि कब तक ऐसे हादसे निर्दोष जिंदगियों को लीलते रहेंगे?