Mahatma Gandhi Auctioned Belongings : महात्मा गांधी का जीवन बेहद सादा था। उनके पास बहुत ज्यादा सामान नहीं था, लेकिन उनके इस्तेमाल की गई छोटी-छोटी चीजें आज ऐतिहासिक धरोहर मानी जाती हैं। चश्मा, चप्पल, घड़ी और खाने के बर्तन जैसी चीजों से जुड़ी नीलामी ने भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं।
करोड़ों में बिका बापू का चश्मा
गांधी जी के गोल चश्मे को उनकी पहचान से जोड़कर देखा जाता है। साल 2020 में ब्रिटेन के ईस्ट ब्रिस्टल ऑक्शन्स में ऐसा ही एक चश्मा नीलामी के लिए सामने आया था। यह एक लिफाफे में नीलामी घर के पास पहुंचा था। इसकी कीमत का अनुमान लाखों में लगाया गया था, लेकिन बोली बढ़ते-बढ़ते यह करीब 2.55 करोड़ रुपये में बिका। इसे अमेरिका के एक निजी संग्रहकर्ता ने खरीदा था।
चश्मा और चप्पल की पुरानी नीलामी
गांधी जी के चश्मे और चप्पल से जुड़ी एक बड़ी नीलामी साल 2009 में न्यूयॉर्क में हुई थी। उस समय चश्मा, चप्पल, जेब वाली घड़ी, कटोरी और प्लेट समेत कई सामान एक साथ नीलामी में रखे गए थे। इन चीजों को भारतीय कारोबारी विजय माल्या ने करीब 18 लाख डॉलर में खरीदा था। उन्होंने इन सामानों को भारत वापस लाने की बात कही थी।
गांधी जी की घड़ी की कहानी भी खास
गांधी जी की जेब वाली घड़ी भी उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी खास निशानी रही है। यह स्विस कंपनी जेनिथ की पॉकेट वॉच थी। रिपोर्ट के मुताबिक, गांधी जी ने इसे अपने एक अनुयायी मोहनलाल शर्मा को भेंट किया था। बाद में यह उनके परिवार के पास रही और साल 2010 में नीलामी में करीब 12.7 लाख रुपये में बिकी।
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साधारण चप्पल भी बन गई ऐतिहासिक धरोहर
गांधी जी की भूरे रंग की चप्पलें भी नीलामी में काफी चर्चा में रही हैं। ये चप्पलें मुंबई में गांधी जी के ठहरने से जुड़े एक पुराने घर से मिली थीं। बाद में इन्हें अंतरराष्ट्रीय नीलामी में रखा गया, जहां इनकी बोली करीब 19 लाख रुपये तक पहुंची। गांधी जी की इन चीजों की खासियत उनकी कीमत नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी यादें और इतिहास है। यही वजह है कि देखने में बिल्कुल साधारण लगने वाली उनकी चीजें भी दुनिया भर के संग्रहकर्ताओं के लिए बेहद खास बन गईं।