Mahua Moitra Arrest Warrant : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कथित घृणा भाषण मामले में अदालत के समन का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह आदेश 19 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णानगर अदालत ने दिया।
बार-बार समन के बावजूद पेश नहीं हुईं महुआ
मामला महुआ मोइत्रा के कथित आपत्तिजनक और घृणा भाषण से जुड़ा है। इस मामले में अदालत की ओर से उन्हें पेश होने के लिए कई बार समन भेजे गए थे। आरोप है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्णानगर अदालत के तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने समन की अनदेखी को गंभीरता से लिया। अदालत ने वारंट पर कार्रवाई की रिपोर्ट 28 अगस्त तक पेश करने का निर्देश भी दिया है।
क्या है पूरा मामला?
महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज मामले में उन पर महिलाओं का कथित अपमान करने और घृणा फैलाने वाला भाषण देने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मामले में अदालत ने पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश होने के लिए समन जारी किए थे। हालांकि, लगातार अनुपस्थिति के बाद मामला अब गिरफ्तारी वारंट तक पहुंच गया है। इससे पहले भी यह मामला अदालतों में पहुंच चुका है। जुलाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले में महुआ मोइत्रा को अंतरिम राहत दी थी। बाद में पुलिस के सामने पेश होने से जुड़े मामले में भी कानूनी कार्यवाही जारी रही।
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राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
महुआ मोइत्रा तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख सांसदों में शामिल हैं और अपने मुखर बयानों के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वारंट पर आगे क्या कार्रवाई होती है और अदालत में अगली सुनवाई के दौरान क्या घटनाक्रम सामने आता है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत की कार्यवाही के बाद ही होगा।