Mahua Moitra: महुआ मोइत्रा ने अपने पालतू रॉटवीलर कुत्ते ‘हेनरी’ की अंतरिम कस्टडी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले साकेत की निचली अदालत ने उनकी वह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने हर महीने 10 दिनों के लिए कुत्ते की कस्टडी देने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई स्वीकार करते हुए अगली तारीख अप्रैल में निर्धारित की है।
ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती
मोइत्रा का कहना है कि निचली अदालत ने तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। उनकी दलील है कि हेनरी को उन्हें पालतू के रूप में प्यार और देखभाल के लिए सौंपा गया था और वह मुख्य रूप से उनके निवास पर ही रहता था। चुनाव क्षेत्र में व्यस्तता के दौरान कुत्ता अस्थायी रूप से दूसरे पक्ष के पास रहता था।
नोटिस जारी, जवाब तलब
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि केवल भुगतान के आधार पर स्वामित्व तय नहीं किया जा सकता। मोइत्रा ने दावा किया कि कुत्ते की देखभाल और जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के पास रही है।
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पुराने विवाद भी चर्चा में
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मोइत्रा और अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई के बीच अन्य कानूनी विवाद भी चल रहे हैं। पूर्व में उन पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ी थी। इन आरोपों के बाद उन्हें दिसंबर 2023 में लोकसभा सदस्यता से निष्कासित किया गया था।
मामला अभी लंबित
दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है और विभिन्न अदालतों में याचिकाएं लंबित हैं। फिलहाल हाईकोर्ट में कुत्ते की कस्टडी से जुड़े मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हेनरी की अंतरिम देखभाल किसे सौंपी जाएगी।