बिहार की युवा विधायक और लोकप्रिया गायिका मैथिली ठाकुर को बदनाम करने की कोशिश सोशल मीडिया पर शुरू होते ही बड़ा हंगामा मच गया। दरभंगा में एक फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से मैथिली ठाकुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक मॉर्फ्ड फोटो और वीडियो पोस्ट किए गए। जैसे ही ये सामग्री वायरल हुई, पूरा बिहार आक्रोश में भर गया। मामले की गंभीरता देखते हुए SSP दरभंगा ने तुरंत FIR दर्ज करने का निर्देश दिया और साइबर थाना हरकत में आ गया।
साइबर जांच ने खोला बड़ा राज
साइबर टीम ने आरोपी की आईडी, मोबाइल नंबर, ईमेल व डिजिटल गतिविधियों की जांच की तो चौंकाने वाली बात सामने आई ये फर्जी अकाउंट गुजरात के जामनगर से ऑपरेट हो रहा था। तकनीकी जांच में पंकज यादव नाम का युवक निशाने पर आया, जो दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र का निवासी है, लेकिन गुजरात की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। पुलिस ने लोकेशन की पुष्टि की और तुरंत जामनगर पुलिस को सूचना दी। संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की हरकत और मकसद की जांच
गिरफ्तार पंकज यादव ने कई मॉर्फ्ड तस्वीरें और रीलें बनाई थीं, जिन्हें देखकर समाज में तनाव फैल सकता था। पुलिस के अनुसार यह सिर्फ मजाक नहीं बल्कि सुनियोजित साइबर अपराध था, जिसमें सार्वजनिक प्रतिनिधि की छवि बिगाड़ने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई। आरोपी पहले भी कई फर्जी आईडी बनाकर पोस्ट करता रहा था ताकि ट्रेस न हो सके। अब उसकी चैट, ईमेल, डिलीटेड डेटा और डिवाइस की गहराई से जांच की जा रही है।
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पुलिस का सख्त संदेश
दरभंगा पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक MLA की गरिमा से नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा से जुड़ा है। साइबर डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह केस मिसाल बनेगा ताकि कोई भी सोशल मीडिया पर फेक, मॉर्फ्ड फोटो या राजनीतिक रूप से भड़काऊ सामग्री डालने से पहले सौ बार सोचे। बिहार से लेकर गुजरात तक हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं है।