कोयला खदान में लिफ्ट खराब होने से 12 मजदूरों के करीब 200 फीट नीचे फंसने की घटना ने हड़कंप मचा दिया। हादसे के बाद खदान में काम कर रहे कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया। इस तरह की घटनाओं में खदान के भीतर हवा की उपलब्धता, रास्तों की स्थिति और लिफ्ट को दोबारा चालू करने की संभावना बेहद अहम होती है। फिलहाल सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता है। घटना से जुड़े स्थान, समय और रेस्क्यू के अंतिम नतीजे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
कुमारडीह 'ए' कोलियरी में फंसे मजदूर, लिफ्ट की रस्सी ड्रम में उलझी
यह घटना पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की कुमारडीह 'ए' कोलियरी में हुई। सोमवार शाम मजदूर खदान में आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट, जिसे स्थानीय भाषा में 'डोली' कहा जाता है, में सवार थे। इसी दौरान लिफ्ट की संचालन रस्सी इंजन रूम में लगे पुली ड्रम में उलझ गई। तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट की आवाजाही रुक गई और मजदूर जमीन से लगभग 200 फीट नीचे फंस गए।
रेस्क्यू टीम ने शुरू किया अभियान, मजदूरों तक पहुंचाया जा रहा खाना-पानी
हादसे की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन ने बचाव और मरम्मत का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, लिफ्ट की रस्सी को ड्रम से सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए उसे विपरीत दिशा में घुमाने की कोशिश की जा रही है, ताकि लिफ्ट दोबारा संचालित हो सके। इस बीच नीचे फंसे मजदूरों तक पीने का पानी, सूखे मेवे और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाई गई है। राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने खदान के भीतर ताजी हवा की पर्याप्त उपलब्धता और मजदूरों से संपर्क बने रहने की जानकारी दी है।
मजदूरों की संख्या पर अलग-अलग दावे, सुरक्षित निकालना प्राथमिकता
खदान में फंसे मजदूरों की सही संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। शुरुआती रिपोर्टों में 14 मजदूरों के फंसे होने की बात कही गई, जबकि ECL के एक अधिकारी ने संख्या लगभग 10 से 12 बताई। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के मुताबिक, लिफ्ट में 12 से 14 मजदूर हो सकते हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल की स्थिति पर नजर रखी है। फिलहाल सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और सभी कर्मचारियों के बाहर आने की आधिकारिक पुष्टि होने तक स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
लिफ्ट की मरम्मत के बावजूद खराबी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद खदान में मजदूरों को ऊपर-नीचे ले जाने वाले उपकरणों के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ मजदूरों ने दावा किया है कि लिफ्ट की कुछ महीने पहले मरम्मत कराई गई थी और पहले भी इसके अटकने की घटनाएं हुई थीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि रस्सी ड्रम में कैसे उलझी और उपकरणों की नियमित जांच के दौरान संभावित तकनीकी खामियों का पता क्यों नहीं चला। अधिकारियों के अनुसार, तत्काल प्राथमिकता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है; इसके बाद हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच की जा सकती है।