UP News: उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसैपैठियों पर बडी कार्रवाई शुरु हो गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदिथ्यनाथ ने प्रदेश के 17 नगर निगमों को इस बाबत आदेश जारी किये हैं। मुख्यमंत्री ने अपने निर्देश में सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा है कि नगर निकायों में काम करने वाले रोहिंग्या बांग्लादेशियों की सूची बनाएं। कमिश्नर और आईजी को रोहिंग्या बांग्लादेशियों की सूची सौंपी जाए।
डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कमिश्नर और आईजी पहले चरण में इन रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेण्टर बनाएं। ऐसे सेण्टर हर मण्डल में बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों के बाद बुधवार की सुबह से पूरे प्रदेश में पुलिस व प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है।
उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें हाल ही में 17 नगर निकायों में डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
छापेमारी कर संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए
ये घुसपैठिए मुख्य रूप से लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, अलीगढ़, मेरठ जैसे जिलों में पाए जाते हैं, जहां यूपी एटीएस ने पिछले आठ वर्षों में करीब 200 से अधिक को गिरफ्तार किया है। फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों पर भी नकेल कसी गई है ।हालिया कार्रवाइ के तहत इसी दिसंबर में लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में झुग्गियों पर छापेमारी कर संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए । नवम्बर में प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के आदेश जारी, जहां घुसपैठियों को रखकर सत्यापन के बाद डिपोर्ट किया जाएगा । मई में वाराणसी जोन में 300 संदिग्धों की पहचान कर पश्चिम बंगाल को भेजा गया ।
सातों दिन चौबीस घण्टे निगरानी रहेगी
2023 में यूपी एटीएस ने मथुरा, अलीगढ़, हापुड़ समेत छह जिलों से 74 रोहिंग्या (55 पुरुष, 14 महिला, 5 नाबालिग) गिरफ्तार किए, जो म्यांमार-बांग्लादेश से अवैध रूप से आए थे ।
राज्य सरकार इन कार्रवाइयों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ती है, जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे शरणार्थियों पर मनमानी बताते हैं। डिटेंशन सेंटरों में भोजन, चिकित्सा जैसी सुविधाएँ होंगी, लेकिन सातों दिन चौबीस घण्टे निगरानी रहेगी।