NEET Controversy: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में व्यापक प्रशासनिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों और नीट परीक्षा विवाद के बाद सरकार ने एजेंसी की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। साथ ही संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में एजेंसी के भीतर और भी प्रशासनिक बदलाव किए जा सकते हैं।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से एनटीए की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है। जिन अधिकारियों के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं या लापरवाही के आरोप हैं, उनके मामलों में कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। सरकार का मानना है कि सख्त प्रशासनिक कदमों से भविष्य में परीक्षा संचालन अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।
सख्त कानून की तैयारी
केंद्र सरकार परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान रखा गया है। इसमें अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल होने की बात कही गई है। साथ ही ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में तय समय के भीतर पूरी करने का भी प्रस्ताव है, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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नीट विवाद के बाद बढ़ी जवाबदेही
नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर देशभर में चर्चा तेज हुई। इसके बाद केंद्र सरकार ने एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा शुरू की और सुधारात्मक कदमों पर जोर दिया। वहीं, सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, जबकि संस्थागत स्तर पर आवश्यक सुधार और प्रशासनिक परिवर्तन जारी रहेंगे।
एनटीए का अब तक का परीक्षा रिकॉर्ड
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी और वर्ष 2018 से इसने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन शुरू किया। अब तक एजेंसी करीब 270 परीक्षाएं आयोजित कर चुकी है, जिनमें लगभग 6 करोड़ 60 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। वर्ष 2026 में अब तक 12 परीक्षाओं का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 65 लाख छात्र शामिल हुए। वर्तमान में एनटीए में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें 24 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि शेष पद रिक्त हैं। इसके अलावा एजेंसी में संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।