Osman Hadi murder case: बांग्लादेश में छात्र नेता और इंक़िलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 12 दिसंबर को ढाका में गोली लगने के बाद इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए गए हादी की 18 दिसंबर को मौत हो गई थी। शुरुआत में इस हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए गए और इसके बाद हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। हादी के भाई शरीफ उमर बिन हादी ने सीधे अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर हत्या कराने का आरोप लगाया है।
चुनाव टालने की साजिश, सरकार पर सीधा हमला
शाहबाग में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उमर हादी ने कहा कि यूनुस सरकार ने जानबूझकर इस हत्या को अंजाम दिलवाया ताकि फरवरी में होने वाले चुनावों को टाला जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अराजकता फैलाकर सत्ता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। उमर ने चेतावनी दी कि अगर हत्यारों को सजा नहीं मिली तो सत्ता में बैठे लोगों को भी देश छोड़कर भागना पड़ सकता है। उनका कहना था कि उस्मान हादी ने किसी विदेशी एजेंडे के आगे झुकने से इनकार किया था, इसी वजह से उन्हें रास्ते से हटा दिया गया।
हिंसा का असर, हिंदू समुदाय में डर
हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हालात और बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में हिंदू परिवारों पर हमले हुए, घर जलाए गए और खुलेआम धमकियां दी गईं। चटगांव और मेमनसिंह जैसी जगहों पर हुई घटनाओं ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के विरोध में भारत के कई शहरों में प्रदर्शन हुए हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ती हिंसा और आने वाले चुनावों को लेकर माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।