Red Fort Blast case: दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए ब्लास्ट की जांच से जुड़ी चार्जशीट में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल Hyundai i20 कार को VBIED यानी वाहन में विस्फोटक लगाकर तैयार किए गए बम के रूप में इस्तेमाल किया गया था। फॉरेंसिक जांच में कार के मलबे और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में TATP, अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे पदार्थों के अंश पाए जाने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी ने कई वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है।
DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान
चार्जशीट के मुताबिक, घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच में अहम सुराग मिला। जांच एजेंसी का दावा है कि शरीर के हिस्सों और अन्य नमूनों की DNA फिंगरप्रिंटिंग से उनकी पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई। एजेंसी के अनुसार, इन साक्ष्यों से यह निष्कर्ष निकाला गया कि धमाके के समय उमर उन नबी कार के अंदर मौजूद था। वहीं, कार के पास से लाल टेप लगा एक कमांड मैकेनिज्म भी बरामद होने की बात कही गई है, जिस पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले। NIA ने इसे विस्फोट से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।
नौगाम थाने के धमाके से भी जुड़ी कड़ियां
चार्जशीट में नौगाम थाने से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान आरोपी मुजम्मिल उर्फ A-4 के किराये के ठिकाने से विस्फोटक सामग्री और उससे संबंधित सामान बरामद किए जाने का दावा है। बरामद वस्तुओं को जांच के लिए नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था। इसी दौरान 14 नवंबर 2025 को थाने के परिसर में धमाका हुआ था। चार्जशीट के अनुसार, इस घटना में 9 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी और 29 लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसी ने इस घटना को भी पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना है।
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रॉकेट और ड्रोन से जुड़ी जांच
चार्जशीट में जसीर बिलाल वानी से जुड़े आरोपों का भी जिक्र है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसने इंटरनेट पर रॉकेट से संबंधित जानकारी तलाशने की कोशिश की थी और कथित तौर पर एक रॉकेट तैयार भी किया था। उसकी टेस्टिंग बाद में नहीं हो सकी। चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि जसीर को दो ड्रोन दिए गए थे और ये ड्रोन उमर उन नबी ने उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा शाहीन सईद के पेन ड्राइव से 87 तस्वीरें मिलने की बात कही गई है, जिनमें कुछ आरोपियों के हथियारों के साथ फोटो होने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के संबंध अंसार गजवात-उल-हिंद और AQIS से भी बताए गए हैं।
Signal पर कोड नेम से बातचीत का दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने आपस में संपर्क के लिए Signal ऐप का इस्तेमाल किया और कुछ लोगों की पहचान कोड नेम से होने की बात सामने आई है। चार्जशीट में कट्टरपंथी साहित्य और विभिन्न दस्तावेज बरामद किए जाने का भी दावा किया गया है। इनमें जिहाद से संबंधित सामग्री और AQAP से जुड़े एक कथित मैनुअल का उल्लेख है। NIA का कहना है कि इन साक्ष्यों से आरोपियों की विचारधारा, आपसी संपर्क और गतिविधियों की जांच में मदद मिली। वहीं, उमर उन नबी की मौत धमाके में ही हो जाने के कारण उसके खिलाफ दर्ज कुछ कानूनी आरोपों की कार्रवाई उसके संबंध में समाप्त मानी गई है।