छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे आंध्रप्रदेश के मारेडमिल्ली घाट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। अरुकु से रायलसीमा–चित्तूर की ओर जा रही एक प्राइवेट बस तेज मोड़ पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। भीषण दुर्घटना में 8 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा है।
तेज मोड़ पर हादसा, बस खाई में समाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में घाट के खतरनाक मोड़ पर पहुंची, जहां चालक ने नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बस सीधे खाई की ओर बढ़ी और पलटते हुए गहराई में जा गिरी। सुबह का समय होने से बड़ी संख्या में यात्री सो रहे थे, जिससे नुकसान और बढ़ गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
राहत दल ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। खाई की गहराई और घने जंगलों की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आईं, लेकिन टीमों ने तेजी से लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पहले चरण में चिंतूर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी तेज की गई है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक कई यात्री गंभीर रूप से घायल हैं और कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बस में कुल कितने यात्री थे, इसका भी मिलान किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए कड़े निर्देश
घटना पर आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है और घायलों को हर संभव इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।
हादसे के बाद सवाल, घाट मार्गों पर सुरक्षा की मांग तेज
इस हादसे के बाद फिर एक बार घाटी क्षेत्रों में बस संचालन की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इन मार्गों पर स्पीड कंट्रोल, साइन बोर्ड और बैरिकेड लगाने की मांग करते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तीखे मोड़ और गहरी खाइयों वाले रास्तों पर लगातार निगरानी जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।