H-1B Visa News: अमेरिका में जॉब का सपना देख रहे भारतीयों को बड़ा झटका लगा है। जी हां क्योंकि एच-1बी वर्क वीजा से जुड़े नियमों में मंगलवार को बड़ा बदलाव किया गया। नए नियम के तहत अब एच-1बी वीजा के लिए रैंडम लॉटरी सिस्टम खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब एक 'वेटेड सेलेक्शन प्रोसेस' लागू किया जाएगा, जिसमें हायर स्किल्ड और अधिक वेतन पाने वाले विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
लॉटरी सिस्टम खत्म
आपको बता दें कि अभी तक उन्हीं वर्कर्स को वीजा मिलता था, जिनका नाम लॉटरी में आता था। लेकिन अब सिर्फ उन्हीं विदेशी वर्कर्स को वीजा मिल पाएगा, जिनके पास ज्यादा अच्छी स्किल है और उन्हें अधिक सैलरी मिल रही है। एच-1बी वीजा को लेकर नए नियम अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) की तरफ से जारी किए गए हैं।
काम के हालात सुधारे जा सकें
USCIS ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि काम के हालात सुधारे जा सकें और अमेरिकी वर्कर्स के लिए नौकरियों के अवसर सुरक्षित रहें। इस नियम को 29 दिसंबर को फेडरल रजिस्टर में पब्लिश कर दिया जाएगा, जिसके बाद ये लागू हो जाएगा। वहीं,होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) का कहना है कि कई अमेरिकी कंपनियां इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर कम वेतन पर विदेशी कामगारों को लाती थी, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान होता था।
क्या है H-1B वीजा
आपको बता दें कि अमेरिका में काम करने के लिए भारतीयों को कई तरह के वीजा दिए जाते हैं, जिसमें H-1B सबसे ज्यादा पॉपुलर वीजा है। H-1B वीजा पाने में भारतीय सबसे आगे रहे हैं। इस वीजा की वजह से भारतीय अमेरिका में टेक वर्कर्स, डॉक्टर्स और कई तरह के स्किल प्रोफेशनल्स जॉब कर पाते हैं। इस वीजा का इस्तेमाल करने में सबसे आगे टेक कंपनियां हैं। हर साल सिर्फ 65 हजार H-1B वीजा ही जारी होते हैं।