केंद्रीय कर्मचारियों के लिए त्योहारों से पहले बोनस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने बोनस की मौजूदा गणना सीमा में तीन गुना बढ़ोतरी की मांग उठाई है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने केंद्र सरकार से बोनस की सीमा 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने का आग्रह किया है। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी देती है तो पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
दशहरा से पहले सरकार के सामने रखी गई मांग
कर्मचारी संगठनों ने बोनस की बढ़ी हुई सीमा को लेकर सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील की है। NC-JCM के स्टाफ साइड सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सचिव को पत्र भेजकर इस मुद्दे को उठाया। संगठन का कहना है कि दशहरा नजदीक है और सरकार की ओर से प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), बोनस और एडहॉक बोनस से जुड़े आदेश जारी किए जाने हैं। ऐसे में मौजूदा सीमा को संशोधित करना जरूरी है।
7 हजार से सीधे 21 हजार करने की मांग
फिलहाल बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की सीमा का प्रावधान चर्चा में है। कर्मचारी पक्ष चाहता है कि इसे बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए। इस बदलाव का आधार केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी से जुड़े हालिया बदलावों को बनाया गया है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब वेतन और न्यूनतम मजदूरी से जुड़े मानकों में बदलाव हो रहा है, तो बोनस की गणना सीमा को भी मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए।
मई की बैठक में भी उठा था मामला
बोनस सीमा बढ़ाने का मुद्दा नया नहीं है। NC-JCM के अनुसार, 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई नेशनल काउंसिल की 49वीं बैठक में भी कर्मचारी पक्ष ने इसे उठाया था। उस समय सरकार की ओर से संकेत दिया गया था कि बोनस की सीमा में बदलाव संबंधित कानूनी प्रावधानों में संशोधन के बाद ही संभव होगा। अब 25 अगस्त को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद कर्मचारी संगठनों ने फिर से इस मांग को प्रमुखता से उठाया है।
अभी सरकार के फैसले का इंतजार
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 21,000 रुपये की बोनस सीमा को केंद्र सरकार ने अभी मंजूरी नहीं दी है। यह NC-JCM की ओर से रखी गई मांग है और अंतिम फैसला सरकार को करना है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि आगामी दशहरा से पहले सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय ले सकती है। यदि मांग स्वीकार होती है तो बोनस की गणना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और इसका सीधा लाभ पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है। फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार के आधिकारिक आदेश पर टिकी हुई है।