राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का सोना-चांदी और आभूषण बरामद किए हैं। अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रोनाही टोल प्लाजा पर एक स्पोर्ट्स कार की तलाशी के दौरान करीब साढ़े तीन कुंतल चांदी, बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण और सोने के जेवर मिले। बरामद सामान के परिवहन से संबंधित कोई वैध बिल, ई-वे बिल या अन्य दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं का परिवहन किया
जानकारी के अनुसार, राज्य कर विभाग को सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते बिना वैध दस्तावेज के बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग ने पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए रोनाही टोल प्लाजा पर वाहनों की सघन जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध स्पोर्ट्स कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में चांदी और सोने के आभूषण बरामद हुए।
आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश
अपर आयुक्त (ग्रेड-1) बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कार में मौजूद व्यक्ति से बरामद माल के स्वामित्व और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद जीएसटी अधिनियम के तहत पूरे माल को जब्त कर लिया गया। संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोना-चांदी और आभूषणों को सुरक्षा
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि निर्धारित अवधि में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो जीएसटी कानून के तहत कर, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए सोना-चांदी और आभूषणों को सुरक्षा के मद्देनजर सरकारी कोषागार में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
प्रारंभिक जांच में बरामद माल की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। हालांकि विभाग ने अभी आधिकारिक मूल्यांकन जारी नहीं किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कीमती सामान कहां से लाया गया था, इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कर चोरी या किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
जीएसटी विभाग का कहना है कि प्रदेश में बिना वैध दस्तावेज के कीमती सामान के परिवहन और कर चोरी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कर चोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।