wether update : देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत करीब 10 राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना सीमित रहने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
अगले 14 घंटे क्यों माने जा रहे हैं अहम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से अगले 14 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली-NCR में बारिश कम, उमस ज्यादा
राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है। इसके चलते तापमान में बहुत अधिक गिरावट की उम्मीद नहीं है और हवा में नमी बढ़ने से उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
IMD ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है। किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को भी मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। आने वाले घंटों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है, इसलिए आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।