Weather Update : मॉनसून अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश की तस्वीर बेहद असमान बनी हुई है. कहीं लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं, तो कहीं सामान्य से कम बारिश ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर खेती, जलस्तर और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है.
असम में बाढ़ की परेशानी
असम में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ाई हैं. निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। कई जगह सड़क संपर्क और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है.
बिहार और आंध्र प्रदेश में कमी
दूसरी ओर, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश अपेक्षा से कम हुई है. लंबे समय तक पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेती पर असर पड़ने की आशंका है। खासकर वे किसान जो मानसूनी बारिश पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
35 प्रतिशत हिस्से में कमी
मौसम से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि देश के करीब 35 प्रतिशत हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की गई है.इससे साफ है कि कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य के आसपास होने के बावजूद उसका वितरण हर क्षेत्र में समान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा पानी और कुछ जगह कमी, दोनों स्थितियां सामने आ रही हैं.
आगे भी बनी रहेगी नजर
मॉनसून की विदाई से पहले मौसम विभाग और राज्य प्रशासन की नजर बारिश के अगले दौर पर रहेगी. किसानों के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े फैसले लेना महत्वपूर्ण होगा। आने वाले दिनों में बारिश का क्षेत्रवार वितरण ही तय करेगा कि सूखे जैसे हालात वाले इलाकों को कितनी राहत मिलती है.