Major operation in Pulwama: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने एक अहम कार्रवाई करते हुए आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। शनिवार को राजपोरा क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान मोहम्मद उमर मलिक के रूप में हुई है। उसके कब्जे से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और इस गिरफ्तारी को संभावित आतंकी साजिश को विफल करने में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता
यह अभियान पुलिस, सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 183 बटालियन द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। टीम ने राजपोरा के कस्बयार इलाके में सीबी नाथ रोड के आसपास घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के चलते एक व्यक्ति को रोका गया, जिसकी तलाशी लेने पर कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं।
आरोपी की पहचान और भूमिका
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मोहम्मद उमर मलिक के रूप में हुई है, जो अब्दुल माजिद मलिक का बेटा और काचीपोरा इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह आतंकियों को रसद और अन्य तरह की मदद पहुंचाने में शामिल हो सकता है। फिलहाल एजेंसियां उससे पूछताछ कर उसके संपर्कों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं, जिससे बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हो सकता है।
हथियार और विस्फोटक बरामद
सुरक्षाबलों ने आरोपी के पास से एक स्टार पिस्टल, मैगजीन, जिंदा कारतूस, एक चीनी ग्रेनेड और एक पाकिस्तान निर्मित ग्रेनेड बरामद किया है। इसके अलावा एक आईफोन 13 प्रो मैक्स और एयरटेल सिम कार्ड भी जब्त किया गया है। इन डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि आतंकी गतिविधियों के सबूत और नेटवर्क के लिंक सामने आ सकें।
मामला दर्ज, जांच जारी
इस मामले में राजपोरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और अहम खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।