
Major political reshuffle in Gujarat: गुजरात की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुल 16 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम राज्य में कैबिनेट के विस्तार की तैयारी के तहत उठाया गया है। आज दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। माना जा रहा है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए नए चेहरों को मौका देकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करना चाहती है।
कई नए चेहरे होंगे शामिल
सूत्रों के मुताबिक, नई कैबिनेट में पुराने मंत्रियों में से केवल 5 को ही दोबारा जगह मिलने की संभावना है। बाकी पदों पर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व इस बार युवा और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर नए मंत्री चुनने पर जोर दे रहा है। जानकारी के अनुसार, 16 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जिनमें दो महिला नेताओं को भी मंत्री पद मिलने की संभावना है। नई कैबिनेट में कुल 20 से 23 मंत्री होंगे।
कैबिनेट विस्तार का नियम और पृष्ठभूमि
गुजरात विधानसभा में 182 सदस्य हैं, और नियम के अनुसार कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 27 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत 17 मंत्री सरकार में थे — जिनमें 8 कैबिनेट स्तर के और 8 राज्य मंत्री थे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा को केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल की जगह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर 2022 को लगातार दूसरी बार शपथ ली थी, और अब यह फेरबदल भाजपा के संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की रणनीति से जुड़ा माना जा रहा है।